DGCA सूत्रों का कहना है कि बारामती एक क्लास-G एयरफील्ड है, जहां कम से कम 5 किलोमीटर विजिबिलिटी जरूरी होती है, लेकिन लैंडिंग के वक्त यह करीब 3 किलोमीटर ही थी. अब यही सवाल जांच का केंद्र है कि तय नियमों के बावजूद लैंडिंग का फैसला क्यों लिया गया.
Related Posts
US-इजराइल और ईरान युद्ध का असर… कोयले की क़िल्लत से बंद हो जाएंगे कपड़ा मिल!
- आज तक
- March 6, 2026
- 0
इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे वैश्विक तनाव का असर अब सूरत के टेक्सटाइल उद्योग पर दिखने लगा है. इंडोनेशिया से आने वाले कोयले की आपूर्ति बाधित होने से कपड़ा मिलों में किल्लत शुरू हो गई है. उद्योग के पास केवल 15–20 दिन का स्टॉक बचा है. साउथ गुजरा…
पाकिस्तानी टीम की बेइज्जती के चक्कर में मर्यादा भूले पूर्व मंत्री रशीद
- आज तक
- February 17, 2026
- 0
पाकिस्तानी टीम की हार क्या हुई, इस पर पूरे मुल्क में लगातार टीम को ट्रोल किया जा रहा है. क्या पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी, क्या पूर्व दिग्गज, क्या सोशल मीडिया के इंफ्लुएंसर और क्या पाकिस्तान के पॉलिटिशिन, सब उनके पीछे पड़ गए . वहीं पाकिस्तान के प…
इजरायल ने ईरान पर किए 7,600 हमले, लेबनान का दावा- इजरायली हमलों में 100 बच्चों की मौत
- आज तक
- March 14, 2026
- 0
US-Israel and Iran War Live Updates: अमेरिका-इजरायल और ईरान की जंग का आज 15वां दिन है. 28 फरवरी से शुरू हुई जंग अब तक किसी अंजाम तक नहीं पहुंची है. हमले का बदला लेते हुए ईरान ने खाड़ी देशों में कई जगहों पर बमबारी की है. ईरान ने उस होर्मुज स्ट्रेट को भी…