नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के साथ बिहार में लालू और पासवान के बाद एक और समाजवादी पुरोधा की राजनीति का अंत होने जा रहा है. इन नेताओं में नीतीश सबसे ज्यादा कामयाब रहे हैं. उन्होंने अपनी सादगीभरी राजनीति से न सिर्फ मतदाताओं के मन में गहरी पैठ बनाई, बल्कि अपने राजनीतिक कौशल से हर पार्टी के साथ तालमेल भी बनाया. नीतीश इसीलिए कई मायनों में अनूठे हैं.
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