चार करोड़ छात्रों वाले भारतीय कैंपस से आईं जातिगत भेदभाव की 378 शिकायतों ने UGC को ऐसे नियम बनाने के लिए प्रेरित कर दिया, जिससे पूरी अगड़ी जातियां कठघरे में खड़ी महसूस कर रही हैं. अनुसूचित जाति-जनजाति के अलावा अन्य पिछड़ा वर्ग को भी अगड़ी जातियों के दमन का शिकार मान लिया गया है. जिस आधार पर ये नियम बनाए गए हैं, उन्हें Pew की रिसर्च मुंह चिढ़ा रही है.
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