CJI ने कहा कि यह तर्क देना आसान है कि घरेलू कामगारों के मामले में संविधान के अनुच्छेद 21, 23, 14, 15 और 16 का उल्लंघन हो रहा है, लेकिन इसके नतीजों पर भी गंभीरता से विचार करना होगा. उन्होंने आशंका जताई कि अगर न्यूनतम वेतन तय किया गया तो कई लोग घरेलू कामगार रखना ही बंद कर देंगे और इससे सबसे ज्यादा नुकसान उन्हीं कामगारों को होगा.
Related Posts
'सजा देना कोर्ट का अधिकार, पुलिस का नहीं', यूपी में एनकाउंटर पर इलाहाबाद HC सख्त
- आज तक
- January 31, 2026
- 0
प्रयागराज में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस की कथित ‘हाफ एनकाउंटर’ नीति पर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि बिना आवश्यकता फायरिंग अस्वीकार्य है. अदालत ने कहा कि सजा देना केवल न्यायालय का अधिकार है, पुलिस का नहीं. निर्देशों के उल्लंघन पर SP और SSP को…
उत्तर प्रदेश में 2027 चुनाव से पहले राजनीति तेज
- आज तक
- February 16, 2026
- 0
उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव को देखते हुए राजनीतिक टकराव शुरू हो चुका है. योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले और आज के उत्तर प्रदेश के बीच एक तुलना प्रस्तुत की है. इस दौरान प्रदेश ने अपराध और अव्यवस्था से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के साम्राज्य की दिशा में मह…
Xiaomi ला रहा 200MP कैमरे वाले Redmi फोन्स, इस दिन होंगे लॉन्च
- आज तक
- January 22, 2026
- 0
Xiaomi का सब-ब्रांड Redmi अपने नए फोन्स को लेकर आ रहा है. कंपनी दो नए फोन्स लॉन्च कर सकती है, जो Redmi Note 15 Pro सीरीज का हिस्सा होंगे. इन फोन्स में कंपनी 200MP का प्राइमरी रियर कैमरा सेटअप दे सकती है. इसके अलावा स्मार्टफोन में बड़ी बैटरी और दमदार प्…